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नगर पालिका द्वारा कराई गई पेयजल की जांच में दो ट्यूबवेलों का पानी 'अधोमानक पाया गया

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर नगर में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर एक बड़ी चुनौती सामने आई है। नगर पालिका द्वारा कराई गई पेयजल की...

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर नगर में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर एक बड़ी चुनौती सामने आई है। नगर पालिका द्वारा कराई गई पेयजल की जांच में दो ट्यूबवेलों का पानी 'अधोमानक' (Substandard) पाया गया है। इन नलकूपों से निकलने वाले पानी में टीडीएस (TDS) की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक मिली है, जो सीधे तौर पर करीब 10 हजार लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है।
नगर पालिका द्वारा कराई गई पेयजल की जांच में दो ट्यूबवेलों का पानी 'अधोमानक पाया गया,Ghazipur News, image

वाराणसी लैब की रिपोर्ट से मामला है।

नगर पालिका ने बीते 5 जनवरी को शहर के सभी 32 ट्यूबवेलों के पानी के नमूने लेकर वाराणसी स्थित जलकल विभाग की लैब में भेजे थे। 28 जनवरी को आई रिपोर्ट के अनुसार, गोराबाजार और दुर्गा मंदिर (रविंद्रनाथ टैगोर पार्क) स्थित ट्यूबवेलों के पानी में टीडीएस की मात्रा करीब 700 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है।

इन मोहल्लों पर मंडराया संकट

इन दूषित पाए गए ट्यूबवेलों से शहर के एक बड़े हिस्से में जलापूर्ति होती है। प्रभावित होने वाले प्रमुख इलाके निम्नलिखित हैं:

  • गोराबाजार, मल्लाह टोली और पीरनगर।
  • चौहान बस्ती, बड़ा महादेवा और छोटा महादेवा।
  • पत्थर घाट, फाक्सगंज, हाथीखाना और ब्रह्मस्थान।


मानकों की तुलना: कितना होना चाहिए TDS


पानी की शुद्धता को लेकर अलग-अलग संस्थाओं के मानक इस प्रकार हैं:

WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन): 300 मिलीग्राम प्रति लीटर।
BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स): 500 मिलीग्राम प्रति लीटर।
गाजीपुर की स्थिति: गोराबाजार इलाके के नलकूपों में यह मात्रा लगभग 700 मिलीग्राम तक पहुंच गई है।